मुंबई। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार में उनके स्थान को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की शनिवार दोपहर करीब दो बजे अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।
शनिवार सुबह अजित पवार के देवगिरी बंगले के बाहर हलचल देखने को मिली, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इस दौरान कार्यकर्ता रूपाली पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार ने हमेशा कार्यकर्ताओं का पिता की तरह मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनके अचानक चले जाने का दुख अब भी विश्वास से परे है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीति में साधारण कार्यकर्ता के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं होता, लेकिन अजित पवार ने सभी को अवसर दिए। वहीं, सुनेत्रा पवार लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर संगठन और पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालती रही हैं।
रूपाली पटेल ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सुनेत्रा पवार से अजित पवार के विजन को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। जानकारी के अनुसार, सुनेत्रा पवार शनिवार शाम पांच बजे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी और वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों पर भी विराम लगता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और दूसरे गुट के विलय को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। एनसीपी-एसपी ने हाल ही में दावा किया था कि बातचीत अंतिम चरण में है और घोषणा जल्द हो सकती है।
पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने भी कहा था कि पिछले तीन से चार महीनों से दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी थी और विलय की योजना लगभग तय मानी जा रही थी। वहीं, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बयान दिया कि अजित पवार भी दोनों गुटों के एक होने के पक्ष में थे। जयंत पाटिल द्वारा बैठकों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, मौजूदा हालात में एनसीपी ने एनडीए के साथ बने रहते हुए सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए बैठक बुलाकर अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है।